Sunday, April 19, 2009

आख़िर इस कसाब का क्या किया जाए

कसाब का कबाब बना दिया जाए तो कैसा रहेगा?

मुंबई हमले में पकड़े गए जिस कसाब को हमने दामाद की तरह सुविधाएँ देकर मजे से रखा उस बदतमीज़ ने एक बार फिर हमारी मजाक उडाई वो भी भरी अदालत में . मुंबई में इधर अदालत की करवाई जारी थी उधर वो कुत्ते की औलाद अन्य आरोपियों के साथ हँसी-ठिठोली में मगन था। जब अदालत ने उसे बातें करने से मना किया तब भी वो मुस्काता रहा. प्रेस के सामने भी वो बे-खौफ रहा. ....आखिर इस विचित्र जीव का क्या किया जाना चाहिए?

अब वो यह भी कहने लगा कि पुलिस ने उससे जबरन बयान लिखाये हैं।

अदालत से उसने ये भी कहा कि वह अभी नाबालिग़ है. उसका केस किसी बाल अदालत में चलाया जाना चाहिए. हालाँकि अदालत ने इसे नामंजूर कर दिया।

दरअसल इसे जितनी सुविधाएँ हमारी सरकार ने मुहैय्या कराई हैं वो मानवीयता कि आधार पर तो सही है मगर राष्ट्र कि साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ राष्ट्रद्रोह कि तहत आता है, हमारी सरकार को इसे भूलना नहीं चाहिए। वर्तमान सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

अभी चुनाव का समय है और सरकार इस मुद्दे पर बिल्कुल चुपचाप है।

सीधे-सपाट लहजे में कहें तो केंद्र की सरकार भी इस मुद्दे पर अभी चुप रहना चाहती है. उसे डर है कि मुस्लिम वोट न खिसक जाये. अभी जल्दबाजी में वो कोई निर्णय नहीं लेना चाहती.
शाहबानो के मामले में अगर कानून को बदला जा सकता है तो कसाब के मामले में क्यों ?





2 comments:

  1. kasab hamara neta hai uski ijjat ki jaye or use hure pesh ki jaye.

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  2. BHai sahab... aap शाहबानो के मामले में अगर कानून को बदला जा सकता है तो कसाब के मामले में क्यों ?......
    sawal mahatwapurna hai..
    uchhala jaye....

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